अवैध खनन के प्रति मूलचंद शर्मा सख्त

अवैध खनन करने वालों को खेतों से रास्ता देने किसानों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

चण्डीगढ़ : हरियाणा के खान एवं भूविज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में खनन क्षेत्र में नई सम्भावनाओं का दोहन करने के साथ-साथ सिस्टम को भी और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जा रहा है ताकि सरकारी खजाने के लिए ज्यादा से ज्यादा राजस्व जुटाया जा सके और आमजन को वाजिब दामों पर निर्माण सामग्री भी आसानी से मिल सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रदेश में न तो माइनिंग माफिया को पनपने दिया जाएगा और न ही दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध खनन सामग्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन वैध तरीके से किसी भी राज्य से खनन सामग्री लाने पर किसी तरह का प्रतिबंध या मनाही नहीं है।

श्री मूलचंद शर्मा ने आज हरियाणा निवास में एक बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों और खनन कार्यों से जुड़े ठेकेदारों व पट्टाधारकों सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी गाड़ी को बिना कागजात के नहीं चलने दिया जाएगा लेकिन इसकी आड़ में लोगों को बेवजह परेशान भी नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राजस्थान के साथ लगते अवैध रास्तों की जांच करवाई जाएगी ताकि प्रदेश में अवैध खनन सामग्री पर अंकुश लगाया जा सके।

खान एवं भूविज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों और खनन कार्यों से जुड़े अन्य हितधारकों के बीच प्रदेश में पहली बार इस तरह की बैठक हुई है। इसका मकसद ठेकेदारों व पट्टाधारकों को खनन क्षेत्र में आने वाली परेशानियों को दूर करना और सरकार का दृष्टिïकोण भी उनके सामने रखना है ताकि प्रदेश में सोहार्दपूर्ण तरीके से खनन गतिविधियां चलाई जा सकेें।

बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को रेत, रोड़ी व बजरी तथा स्टोन कॉन्ट्रेक्ट्र्स की वाजिब समस्याओं को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए।

सरकारी खजाने के लिए ज्यादा से ज्यादा राजस्व जुटाने की तैयारी

श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि सरकार को एक तरफ जहां माइनिंग से राजस्व जुटाना है, वहीं दूसरी तरफ अवैध माइनिंग को भी रोकना है। साथ ही, इस बात का भी ख्याल रखना है कि आमजन को निर्माण सामग्री उचित मूल्य पर आसानी से उपलब्ध हो। उन्होंने ठेकेदारों व पट्टाधारकों की समस्याएं सुनने के दौरान उन्हें ताकीद की कि आवंटित क्षेत्र से अधिक माइनिंग हरगिज नहीं की जानी चाहिए और खनन के दौरान रास्तों व पंचायती जमीन का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

ई-रवाना का समय बढ़ाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसमें एक घन्टे पर 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसके अलावा, सिस्टम में यह भी प्रावधान किया गया है कि माल लेते समय ई-रवाना तो जनरेट हो जाएगा लेकिन यह ट्रक के चालू होने के बाद ही एक्टिव होगा।

उन्होंने ठेकेदारों व पट्टाधारकों का आह्वन किया कि खनन सामग्री की चोरी रुकवाना आपका भी फर्ज है ताकि प्रदेश का राजस्व बाहर न जाने पाए। इस दौरान, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध माइनिंग के लिए अपने खेतों से रास्ता देने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। बैठक के दौरान उन्होंने विभाग के लोगो का भी विमोचन किया।

खनन अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार साइट का दौरा कर निर्धारित मानकों का निरीक्षण करेंगे

विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद मोहन शरण ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य प्रदेश में खनन गतिविधियों को सुचारू तरीके से चलाना है ताकि सरकार को राजस्व मिले और लोगों को निर्माण सामग्री मिलने में कोई दिक्कत न आए। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक चैकलिस्ट बनाई जाएगी, जिसके मुताबिक खनन अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार साइट का दौरा कर निर्धारित मानकों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा नए सिस्टम में इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि ठेकेदारों व पट्टाधारकों को कोई दिक्कत न हो और उम्मीद जताई कि वे भी इसमें पूरा सहयोग करेंगे।

महानिदेशक श्री अमिताभ सिंह ढिल्लों ने कहा कि विभाग में प्रौद्योगिकी के लिहाज से कई पहल की गई हैं जिनमें ई-रवाना मुख्य रूप से शामिल है। इसकी अनुपालना सम्बन्धी खामियों को दूर किया जा रहा है। इसके अलावा, वे-ब्रिज पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भविष्य में ट्रक के आगे-पीछे का फोटो भी ई-रवाना से जोड़ा जाएगा।
बैठक के दौरान राज्य खनन इंजीनियर-सह-मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री पी.के. शर्मा समेत विभाग के अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी मौजूद रहे।

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