आखिर कहां गई लॉकडाउन में पकड़ी गई शराब

एक्साईज एवं टैक्शेसन विभाग से जब लॉकडाउन के दौरान पकड़ी गई शराब का हिसाब-किताब एक आरटीआई एक्टीविस्ट ने मांगा तो विभाग जवाब देने की बजाय सवालों से भागता हुआ नजर आया। कोई संतुष्टीपूर्ण जवाब न मिलने पर आरटीआई एक्टीविस्ट रविन्द्र चावला ने अब राज्य सूचना आयुक्त, चंडीगढ़ को अपील लगाई है।

श्री चावला ने आरटीआई के माध्यम से लॉकडाउन पीरियड यानि कि 23 मार्च से हुई शराबबंदी के दौरान पकड़ी गई शराब की मात्रा, पकड़ी गई शराब कहां रखी है, शराब पकडऩे के बाद किस अधिकारी ने इंसपैक्शन किया और उसमें से शराब की मात्रा घटी है, तो जिम्मेदार कौन होगा आदि सवालों के साथ-साथ कोविड-19 संक्रमण में शराब पर लगने वाले कोविड टैक्स के रूप में कितनी वसूली की गई और कोविड टैक्स किस हिसाब से लिया गया आदि सवाल पूछे गए।

श्री चावला ने बताया कि उनके द्वारा मांगी गई जानकारी में एक्साईज एवं टैक्शेसन विभाग से उनको बताया गया कि शराब की बोतल पर कोई टैक्स नहीं होता। एक्साईज एवं टैक्शेसन विभाग के इस सवाल पर एक बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि अगर शराब पर कोई मूल्य नहीं होता तो कोविड टैक्स किस हिसाब से वसूल किया जा रहा है।

एक्साईज एवं टैक्शेसन विभाग से अपने सवालों के उचित जवाब न मिलने पर रविन्द्र चावला आरटीआई एक्टीविस्ट ने राज्य सूचना आयुक्त से अपील लगाई और उक्त सवालों के जवाब मांगें हैं। परंतु इन सब बातों से एक बात निश्चित है कि जिस प्रकार एक्साईज एवं टैक्शेसन विभाग सवालों के जवाब देने से बच रहा है, बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।

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