रेस्टोरेंट से फिर फुटपाथ पर आया ‘बाबा का ढाबा’

पिछले लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छाए कांता प्रसाद ने मालवीय नगर में रेस्टोरेंट खोला था। दूसरे लॉकडाउन में बाबा का नया रेस्टोरेंट बंद हो गया है और बाबा फिर से अपने ढाबे को चलाने लगे हैं।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान यू-ट्यूबर गौरव वासन ने अक्टूबर 2020 में बाबा का ढ़ाबा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। जिसमें बाबा (कांता प्रसाद) अपने ढ़ाबे पर खाने की बिक्री न होने की वजह से दुखी होकर रोने लगे। लोगो ने इसे सोशल मीडिया पर जोरों से वायरल किया और कांता प्रसाद की मदद के लिए लोगों की भीड़ मालवीय नगर स्थित बाबा के ढ़ाबा पर जुटने लगी। बाबा रातों-रात लोगों के बीच प्रसिद्घ हो गए थे।

जानकारी के मुताबिक बाबा को सहायता के रूप में 40 लाख से ज्यादा रुपये मिले थे जिनसे दो महीने के अंदर बाबा कांता प्रसाद ने 5 लाख रुपये लगाकर मालवीय नगर में अपने पुराने ढाबे से कुछ ही दूरी पर एक रेस्टोरेंट खोला। वहां पर एक कुक, वेटर और सिक्योरिटी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाये।
रेस्टोरेंट का मासिक खर्च लगभग 1 लाख रुपये था, जबकि औसत मासिक बिक्री कभी 40,000 रुपये से अधिक नहीं हुई। कांता प्रसाद के खर्चे में 35000 रुपये रेस्टोरेंट का किराया, 36000 रुपये तीन कर्मचारियों की सैलरी और 15 हजार रुपये राशन, बिजली और पानी के लिए शामिल था।

लागत के अनुसार खर्चा न निकलने पर बाबा ने फरवरी 15 को अपना रेस्टोरेंट बंद कर दिया और वापस अपने उसी पुराने ढ़ाबे पर पहुंच गए हैं।

दोबारा लगे लॉकडाउन के चलते भी बाबा के रेस्टोरेंट की बिक्री प्रभावित हुई। लॉकडाउन से पहले जहां दैनिक बिक्री 3500 रुपये होती थी, वो अब घटकर अब 1000 रुपये हो गई है। ये हमारे परिवार के गुजारे के लिए पर्याप्त नहीं है। बाबा अब लोगों से सहायता की आस लगाए बैठे हैं।

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