पचास हजार रुपए से अधिक के 9400 टैक्स बकाएदारों को निगम ने भेजना शुरू किया नोटिस

आर्थिक कंगाली से जूझ रहे नगर निगम के टैक्सेशन ब्रांच ने कमिश्नर की फटकार के बाद 50 हजार से अधिक बकाएदारों को नोटिस भेज रहा है। साथ ही सरकार के निर्देश पर 2010 से अब तक के बकाए पर लोगों को मिलने वाली टैक्स छूट की जानकारी भी ऑनलाइन फीड की जा रही है ताकि लोग उसे देखकर घर बैठे टैक्स जमा कर सकें। निगम ने वसूली में एक और बदलाव किया है।

जिन बकाएदारों को नोटिस भेजा जा रहा है, पहली बार उसमें सरकार की छूट के बारे में जानकारी दी जा रही है। यदि किसी का प्रॉपर्टी टैक्स अधिक बकाया है तो सरकार द्वारा मिलने वाली छूट से संबंधित ऑनर को कितना फायदा होगा और उसे कितना टैक्स जमा करना पड़ेगा। इसकी भी जानकारी दी जा रही है।

अधिकारियों का मानना है इससे पब्लिक को फायदा होगा और वह टैक्स जमा करने के लिए आगे आएंगे। सरकार प्रॉपर्टी टैक्स एक साथ जमा करने पर करीब 25 फीसदी तक की छूट देती है। लेकिन शहर के अधिकांश लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है।

खुद निगम अधिकारी भी इस बात को मानते हैं। अधिकारियों के मुताबिक शहरी इलाके के आवासीय क्षेत्रों में वर्ष 2010-11 से लेकर साल 2016-17 के प्रॉपर्टी टैक्स बकाए पर सरकार 25 प्रतिशत तक की छूट दे रही है। यदि कोई अपना बकाया डेबिट कार्ड, ऑनलाइन जमा करता है तो उसे 5 फीसदी अतिरिक्त छूट मिलेगी। इसके अलावा वर्ष 2020-2021 का टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह लाभ 31 मार्च तक लिया जा सकता है।

टैक्सेशन ब्रांच को बदनाम करने का आरोप
म्युनिसिपल कारपोरेशन इंप्लाइज फेडरेशन ने ज्वाइंट कमिश्नर प्रशांत अटकान पर निगम परिसर स्थित बैंक से बकाया वसूली को लेकर की जा रही बयानबाजी की निंदा की है और टैक्सेशन ब्रांच को बदनाम करने का आरोप लगाया है। फेडरेशन ने ज्वाइंट कमिश्नर को चुनौती दी है कि वह बैंक से वसूल की जाने वाली 1.50 करोड़ रुपए का हेड-वाइज ब्यौरा, इस ब्यौरे के आधार पर बैंक को सील करने से पहले बैंक को जारी किए गए नोटिस को सार्वजनिक करें।

फेडरेशन का कहना है इस अधिकारी द्वारा कानून व नियमों को ताक पर रख निगम के कराधान विभाग की छवि को खराब किया जा रहा है। इसके विरोध में 22 जनवरी को प्रदर्शन किया जाएगा। फेडरेशन के अध्यक्ष रमेश जागलान, महासचिव महेन्द्र चौटाला, वरिष्ठ उपप्रधान शाहाबीर खान, कार्यालय कर्मचारी यूनियन के प्रधान नरेश बैसला ने आरोप लगाया कि उक्त अधिकारी हाईकोर्ट से स्थानांतरण पर स्टे आर्डर की आड़ में मनमानी कर रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं।

9400 में से 6000 का डाटा फीड

नगर निगम ने ऑनलाइन टैक्स जमा करने की प्रक्रिया शुरू तो कर दी है। लेकिन यदि किसी को पिछला बकाया जमा करना है तो उसे छूट नहीं मिल पाएगी। क्योंकि नगर निगम ने पिछला बकाया ऑनलाइन सिस्टम में फीड ही नहीं किया है। यही कारण है कि लोगों को छूट की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

जेडटीओ हेड क्वार्टर रतनलाल रोहिला का कहना है कि निगम के सभी जोन में कुल 9400 बकायदार हैं। इनमें से करीब 6000 प्रॉपर्टी आईडी का पिछला बकाया रिकॉर्ड ऑनलाइन फीड कर दिया गया है। जल्द ही सभी बकाएदारों का डॉटा ऑनलाइन फीड कर दिया जाएगा।

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