निकिता तोमर हत्याकांड:मुख्य आरोपी तौसीफ के परिजनों की दो साल पहले अपहरण के मामले में अग्रिम जमानत मंजूर

बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर को वर्ष 2018 में अपहरण करने के मामले में तौसीफ के पिता जाकिर हुसैन को सोमवार को अग्रिम जमानत मिल गई। पुलिस ने अपहरण के मामले में साजिश रचने के लिए तौसीफ के परिजनों को आरोपी बनाया था। सोमवार को हुई सुनवाई में सबसे पहले जाकिर हुसैन को अग्रिम जमानत दी गई, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू हुई।

अदालत में सोमवार को चार गवाहों के बयान दर्ज होने थे। इसमें से केवल दो के ही बयान लिए गए। बल्लभगढ़ मानवता अस्पताल से डॉ. नोमानी ने अपने बयान में निकिता को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने की बात कही। दूसरी गवाही फॉरेंसिक टीम से डॉ. मनीषा की हुई, लेकिन उनके आधे बयान ही दर्ज हो पाए। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में अभी देरी है इसलिए उनकी बाकी की सुनवाई आगे के लिए टाल दी गई। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट प्रीतम सिंह व फॉरेंसिक टीम के एक सिपाही की गवाही भी आगे टाल दी गई।

मंगलवार को अब चार लोगों की गवाही होगी, इसमें पुलिस आयुक्त के रीडर, एएसआई विजय, हवलदार आनंद व हवलदार प्रवीण शामिल हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनीस खान ने बताया कि उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को जाकिर हुसैन की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली गई है। उन्हें दो दिन के अंदर जांच में शामिल होना है। अब वे जल्द ही तौसीफ की मां असमीना व चाचा जावेद खान की अग्रिम जमानत की याचिका दायर करेंगे।

तौसीफ और निकिता की सेल्फी देख मिली जमानत

सोमवार को जाकिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तौसिफ व निकिता के एकसाथ लिए गए सेल्फी फोटो, दो साल पहले निकिता व उसके पिता मूलचंद तोमर द्वारा केस को बंद करने अदालत में दिया गया हलफनामा व पुरानी एफआईआर को आधार बनाया। इसमें यह दावा किया गया कि दोनों पहले से एक दूसरे को जानते थे और किसी शिकायत में तौसीफ के पिता या परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं आया है। केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्यायाधीश सरताज बासवाना की अदालत में चल रही है। मंगलवार को अगली सुनवाई होगी।

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