100 नंबर पर काल आने के बाद मौके पर पहुंचने वाले अधिकारी के कार्य की समीक्षा के लिए नियुक्त किए जाएंगे राजपत्रित अधिकारी

अब पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर काल आने के बाद घटनास्थल या मौके पर पहुंचने वाले अनुसंधान अधिकारी के कार्य की समीक्षा के लिए राजपत्रित अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये घटनास्थल या मौके पर गए हुए अनुसंधान अधिकारी (आईओ) से मामले की जानकारी लेकर शिकायतकर्ता से फीडबैक लेंगे और शिकायतकर्ता से पूछा जाएगा कि क्या वह पुलिस की सहायता से संतुष्ट हैं अथवा नहीं। इसके बाद अनुसंधान अधिकारी द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने बुधवार को कंट्रोल रूम (डायल 100) सेवा की समीक्षा के बाद यह व्यवस्था लागू की है।

इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में शहर के लोगों द्वारा 100 नंबर डायल करते ही आसपास की पीसीआर वैन जरूरतमंद की सहायता के लिए उसके पास पहुंचेगी। उन्होंने कहा जनता पुलिस विभाग से संबंधित किसी भी समस्या के लिए 100 नंबर डायल कर सकती है।

उसकी समस्या निवारण के लिए कंट्रोल रूम में तैनात स्टाफ की कार्य प्रणाली व पुलिस सहायता के लिए घटनास्थल या मौके पर पहुंचे संबंधित अधिकारी के कार्य की समीक्षा के लिए राजपत्रित अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ये घटनास्थल या मौके पर गए हुए अनुसंधान अधिकारी से मामले की जानकारी लेकर शिकायतकर्ता से फीडबैक लेंगे और शिकायतकर्ता से पूछा जाएगा कि क्या वह पुलिस की सहायता से संतुष्ट हैं अथवा नहीं। इसके बाद अनुसंधान अधिकारी द्वारा किए गए कार्य की समीक्षा की जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने डायल 100 नंबर की समीक्षा में पाया कि कंट्रोल रूम में रोज करीब 50 हजार से 70 हजार कॉल आती है। 19 जनवरी को वॉयस लोगर कॉल 69039, मिस्ड-साइलेंट कॉल 145, चिल्ड्रेन कॉल 11, एक्शन कॉल 156, इन्क्वारी कॉल 56 व रांग कॉल 14, दूसरे जिलों से संबंधित 54 कॉल के साथ संपूर्ण 436 कॉल प्राप्त हुईं। ज्यादातर कॉल आने के कारण काफी बार डायल 100 नंबर व्यस्त हो जाता है।

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