दो लाख का इनामी बदमाश मनोज मांगरिया गिरफ्तार

कुख्यात बदमाश मनोज मांगरिया को बुधवार को क्राइम ब्रांच ऊंचागांव ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर दो लाख का इनाम फरीदाबाद पुलिस ने घोषित कर रखा था। मनोज सजायाफ्ता कैदी है जो कोरोना काल में परोल पर बाहर आया था और दिसंबर में उसने प्रॉपर्टी डीलर की सेक्टर-31 में दिन दहाड़े अपने गुर्गों के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में बीते करीब चार महीनों से शहर की सभी क्राइम ब्रांच उसकी तलाश कर रही थीं। एक बार तो दो क्राइम ब्रांच की टीम संयुक्त ऑपरेशन में उसके करीब पहुंच भी गईं थीं मगर भनक लगने पर वो फरार हो गया था। वहीं सूत्रों का कहना है कि मनोज मांगरिया ने खुद आकर क्राइम ब्रांच में सरेंडर किया है।

बहन के घर छिपा था

फरीदपुर में मनोज मांगरिया की बहन का ससुराल है। वह बीते कई दिनों से वहां छिपा हुआ था। जिसकी खबर क्राइम ब्रांच को लगने पर उसे बुधवार को दबोचा गया है। एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि मनोज को गुरुवार को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी कि किस कारण से उसने मनोज भाटी की हत्या की। हथियार समेत अन्य घटना में प्रयुक्त वाहन व और कौन-कौन इस हत्या में शामिल था उसके बारे में पूछताछ की जाएगी।

600 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी पुलिस

पुलिस ने भाटी की हत्या के आरोप में मांगरिया सहित 16 लोगों को मनोज भाटी की हत्या व साजिश रचने का आरोपित बनाया था। बाकियों में रोहित, रवि, सतबीर, रामसिंह, हिमांशु, कौशिंदर, विक्की, विकास, हरपाल, अशोक, सोनू, धर्मेंद्र, आर्यन उर्फ बिट्टू, धीरेंद्र कुमार और अजय के नाम शामिल हैं। इनमें से अशोक, विकास, धर्मेंद्र, सोनू, आर्यन उर्फ बिट्टू और अजय को क्राइम ब्रांच-30 व क्राइम ब्रांच-17 की टीम पहले गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने इस मुकदमे में 600 पन्ने की चार्जशीट अदालत में पेश की थी। मनोज मांगरिया पश्चिमी यूपी के कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी का गुर्गा है।

फिल्मी अंदाज में किया था मनोज भाटी का मर्डर

सेक्टर-31 स्थित श्रमिक विहार में 23 दिसंबर 2020 को दो लग्जरी कारों में सवार हमलावरों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर गांव अमीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनोज भाटी की हत्या कर दी थी। हमलावरों ने करीब एक किलोमीटर तक भाटी की कार का पीछा किया था। श्रमिक विहार में मनोज की कार के नीचे एक मोटरसाइकिल फंस गई। जिसके चलते वो भाग नहीं सका और बदमाशों ने उसे गोलियों से भून दिया था। इस मामले में अबतक छह शूटर गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं मनोज मांगरिया फरार चल रहा था। भाटी के भाई हेमराज ने बताया कि मनोज मांगरिया यमुना किनारे उनकी तीन एकड़ जमीन हड़पना चाहता था। मनोज भाटी ने इसका विरोध किया तो उसने गुर्गों के साथ उसकी हत्या कर दी थी।

इस मामले में काट रहा था उम्रकैद की सजा

पुलिस के मुताबिक बदरौला गांव निवासी शशि नागर पर 12 से अधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज थे। दो केस में 22 अगस्त 2013 को शशि की कोर्ट में तारीख थी। एक मामले में उसको कोर्ट से तारीख मिल गई थी। जबकि दूसरे में उसे लंच के बाद कोर्ट में पेश होना था। जब वह अपने वकील के चैंबर में बात कर रहा था तो उसी दौरान तीन युवक आए। उन्होंने शशि पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। शशि खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित दो कारों में बैठकर फरार हो गए थे। हत्या का मुख्य आरोपी इस मामले में मनोज मांगरिया था जिसे बाद में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

परोल भी जंप कर चुका है मांगरिया

2013 में गांव बदरौला निवासी शशि नागर की जिला अदालत में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मुकदमे में अदालत ने मनोज मांगरिया को दोषी ठहराया और साल 2016 में उम्रकैद की सजा सुनाई। मनोज तभी से जेल में सजा काट रहा था। जेल के अंदर रहकर वह अपना गिरोह संचालित करता रहा। अब कोरोना काल के दौरान उसे परोल मिली। इसी दौरान मनोज भाटी की हत्या में उसका नाम आ गया। मांगरिया को 23 फरवरी को जेल लौटना था, मगर वह नहीं लौटा। यह पहली बार है, जब मांगरिया ने परोल जंप की थी।

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