नीरज तुम पाखंडी हो !

सौरभ भारद्वाज।
जब सत्ता सुविधा का दूसरा नाम बन गई हो, जब एमएलए एमपी न बनने के बावजूद छूट भैये नेता भी अपने लिए गनमैन जुगाड लेना चाहते हों तुम सत्ता के टौर का प्रतीक यह गन मैन अनावश्यक रूप से अपने साथ नहीं रखना चाहते। जब चंडीगढ़ में लोग अपने लिए ठिकाना तलाशने के लिए मारे मारे फिरते हो ऐसे में सरकार तुम्हें एमएलए फ्लैट देती है और तुम उसे सरंडर कर देते हो। प्रदेश की सरकार अपने खजाने से तुम्हें चंडीगढ़ आने जाने का गाड़ी का किराया देती हो और तुम सरकारी बस के सफर को प्राथमिकता देते हो।

जब तुम्हारे एक फोन कॉल पर अस्पताल तुम्हारे घर चल कर आ सकता हो लेकिन फिर भी तुम आम मरीज की तरह सरकारी अस्पताल में जाते हो, अपनी जांच करवाते हो तो नीरज तुम पाखंडी लगते हो। लगता है कि तुम ढोंग बखेर रहे हो। लेकिन आज इस देश को इसी पाखंड की जरूरत है।

जनता जनार्दन चाहती है उनके चुने प्रतिनिधि आ कर देखें कि कैसे अस्पतालों में उनका इलाज होता है उनके चुने प्रतिनिधि आकर समझें उन सरकारी स्कूलों की दुर्दशा जहां आम जनता के बच्चे पढ़ते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चलें अफसर और नेता ताकि समझ सकें फटी हुई सीट और धूलभरी बस के सफर में कितना सफर करते हैं लोग। जो पानी वो पीते हो वही पानी उनका विधायक भी पी कर देखे।

हरे समंदर से गुजर कर दर्द को समझा

नीरज तुम ऐसे विधायक हो जो जनता के दर्द को भोग कर समझना चाहता है। शायद यही वजह है कि जीवन नगर गौंछी की वो गलियां जहां पब्लिक को साल भर सीवर के गंदे हरे पानी से गुजरना पड़ता था, तुमने खुद उस हरे समंदर से गुजर कर उन लोगों के दर्द को समझा। नीरज अपने इस पाखंड को जारी रखना क्योंकि नया भारत ऐसा ही नेतृत्व चाहता है। उसे वो नेता नहीं चाहिए जिनके तन पर पड़ी सफेद खादी की क्रीज भी नहीं टूटती। उसे यथार्थ की कसौटी पर खरे उतरने वाले उन नेताओं की जरूरत है जो वास्तव में इस देश को बदलना चाहते हैं।

जो सुविधाओं का टापू सिर्फ अपने राशन कार्ड तक सीमित नहीं रखना चाहते बल्कि संसाधनों को संपूर्ण देश में बराबर बांट देना चाहते हैं। नीरज के यह छोटे छोटे कदम बेशक बहुत प्रभावित ना करते हो लेकिन आप सोचिए कि अगर हर जनप्रतिनिधि हर सरकारी अफसर इन पद चिन्हों पर चलने लगे तो इस देश में सरकारी ढांचे को एक बार फिर दुरुस्त होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। और यह देश प्राइवेट के नाम पर चलती समानांतर सरकार के एकाधिकार से भी बच जाएगा।

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5 thoughts on “नीरज तुम पाखंडी हो !”

  1. सत्य और सच्चाई पर चलना है वॉइस ऑफ फ्रीडम की प्राथमिकता है और आपकी यह न्यूज़ कवरेज सच्चाई की पहल की प्रशंसा करती है और हम आभारी हैं वॉइस ऑफ फ्रीडम वॉइस ऑफ फरीदाबाद के जो निरंतर पिछले 20 वर्षों से भी ज्यादा समय से सच्चाई की जंग में अपनी रिपोर्टिंग कर रहे हैं विशेष भाई सौरभ भारद्वाज जी का धन्यवाद जो इतनी कटु पत्रकारिता कर रहे हैं धन्यवाद आपका जादूगर सीपी यादव इंटरनेशनल अवॉर्ड विनर

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