दिल्ली वैक्सीनेशन: बंद हो सकते हैं सेंटर, सिर्फ आज के लायक बची है डोज

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को बुलेटिन जारी कर बताया है कि अब सिर्फ एक दिन के लिए ही कोरोना वायरस वैक्सीन की डोज बची हैं. इस बुलेटिन के मुताबिक उपलब्ध वैक्सीन से सिर्फ बुधवार के दिन काम चल सकता है, आपूर्ति न होने पर गुरुवार को फिर सेंटर बंद करने की स्थिति पैदा हो सकती है. उधर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी केंद्र और राज्यों को एक टीम के रूप में मिलकर काम करने और महामारी से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान किया था.

हालांकि इस बैठक में कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने हिस्सा नहीं लिया. दिल्ली सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह कोरोना वायरस रोधी टीकों की 2,63,170 खुराक शेष बची थी जिसमें से 1,95,290 खुराक कोविशील्ड की और 67,880 खुराक कोवैक्सीन की थीं.

इसमें कहा गया है कि हालांकि, कोवैक्सीन की खुराक के भंडार में से केवल 20 प्रतिशत का उपयोग किया जाना है क्योंकि इसका भंडार सीमित है और इसकी आपूर्ति अनियमित है. सोमवार को केवल 25,986 खुराक दी गईं, जिनमें से 16,704 पहली खुराक और 9,282 दूसरी खुराक थीं. राष्ट्रीय राजधानी में अब तक कोविड-19 रोधी टीके की 93,83,468 खुराक दी जा चुकी है, जिसमें 22,25,292 दूसरी खुराक शामिल हैं. दिल्ली की वर्तमान टीकाकरण क्षमता प्रतिदिन 47,605 खुराक देने की है. पीएम ने की अपील उधर कोविड-19 प्रबंधन पर सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र और राज्यों को एक टीम के रूप में मिलकर काम करने और महामारी से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान किया.

सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गयी बैठक में मोदी ने कहा कि भारत बीमारी से प्रभावित आबादी के अनुपात में कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, लेकिन ब्रिटेन जैसे कुछ देशों में संक्रमण के बढ़ते मामलों को रेखांकित करते हुए उन्होंने सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया. मोदी ने कहा कि कुछ और कंपनियों के टीके आगामी दिनों में उपलब्ध होने की संभावना है और सरकार द्वारा टीकाकरण पर दिए जा रहे जोर के बारे में बताया.

ऑक्सीजन की उपलब्धता के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि जेल के साथ-साथ देश भर के हर जिले में एक ऑक्सीजन संयंत्र सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस मीटिंग में शिवसेना और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने क्रमशः महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के लिए और टीकों की मांग की. बीजू जनता दल (बीजद), टीएमसी और कुछ अन्य दलों ने भी सरकार से स्वदेशी टीके कोवैक्सिन के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की. तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) नेता नामा नागेश्वर राव ने सरकार से टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने का आग्रह किया और चिंता जताते हुए कहा कि महामारी की दूसरी लहर ने ग्रामीण आबादी को भी प्रभावित किया है. हालांकि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस संबंध में 20 से अधिक बैठकें कर महामारी से लड़ने के अभियान में अतिरिक्त गंभीरता का परिचय दिया है.

तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित कई विपक्षी दलों ने कोविड-19 की स्थिति से निपटने पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में भाग लिया जबकि, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इसमें शामिल नहीं हुई.

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