जिंदा जलाए गए पुजारी के परिवार की बेबसी की कहानी, टूटे-फूटे घर में फटा बिस्तर और 10 KG आटा

करौली में पुजारी के जिंदा जला देने का मामला थमने की जगह तूल पकड़ता जा रहा है, अब इस घटना की जांच राजस्थान की सीबीसीआईडी एजेंसी करेगी। लेकिन पुजारी के जाने के बाद उनके घर में जो दुखों का पहाड़ टूटा है शायद वह कोई नहीं जानता। परिवार के सदस्यों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वह रोते हुए कहते हैं कि कौन हमारे परिवार का पेट पालेगा। बता दें कि बाबूलाल वैष्णव इस परिवार के इकलौते शख्स थे जिनकी कमाई से घर का खर्चा चलता था। पुजारी के जाने के बाद बेबसी की कहानी सामने आई है।

दरअसल, पुजारी बाबूलाल वैष्णव के घर में 6 बेटियां, एक दिव्यांग बेटा और पत्नी है। जिसमें से चार बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार के सोने के लिए फटे बिस्तर और सिर छिपाने के लिए टूटे-फूटे कच्चा खपरैल घर है। पुजारी का बेटा मंदबुद्धि है हादसे के बाद से राजस्थान सरकार ने उसको संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है।

इस हादसे के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक पुजारी बाबूलाल की पत्नी विमला रोते-रोते बेसुध हो जाती है। वह लड़खड़ाती जुबान से कहती हैं कि जिन्होंने मेरे पति की बेरहमी से हत्या की, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। आरोपी के घरवाले अभी भी हमको जिंदा मार देने की धमकी देते हैं।

पुजारी के घर में तमाम नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। लेकिन छप्पर के नीचे बैठकर पत्नी विमला पिछले छह दिन से सिसक रही है। उसको तो बस न्याया चाहिए, ना कि किसी को कोई रुपया पैसा।

राजस्थान पुलिस के अनुसार बूकना गांव में बुधवार को एक मंदिर के पुजारी बाबू लाल वैष्णव पर पांच लोगों ने हमला किया। आरोप है कि मंदिर के पास की खेती की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे इन लोगों ने पुजारी पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। जिसके बाद गुरुवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान पजारी की मौत हो गई थी

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