कैसे खुला राज के बिजनेस का राज

पुलिस का दावा है कि राज कुंद्रा और उनकी कंपनी पोर्न फिल्मों के जरिए ना सिर्फ मोटी कमाई कर रहे थे बल्कि उन्होंने देश के कानून को गच्चा देने के लिए भी पूरा इंतज़ाम कर रखा था. सबसे पहले ये जान लीजिए कि आख़िर ये राज़ खुला कैसे?

मुंबई पुलिस ने इस सिलसिले में इसी साल 4 फरवरी को एक केस दर्ज किया था. जब एक लड़की ने मुंबईं के ही मालवाणी थाने में इस रैकेट के बारे में एक शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत में बताया था कि कैसे कुछ लोग फिल्मों और ओटीटी में काम दिलाने के नाम पर लड़कियों को अश्लील फिल्मों में काम करने के लिए मजबूर कर रहे हैं. इसके साथ ही अश्लील फिल्में शूट कर मुंबई में कई धंधेबाज मोटी कमाई कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने मलाड वेस्ट इलाके में एक ऐसे बंगले पर छापेमारी की जिसे किराये पर लेकर पोर्न फिल्म की शूटिंग की जा रही थी.

तब इस छापेमारी में एक बॉलीवुड की एक अभिनेत्री समेत 11 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. पुलिस को तभी राज कुंद्रा और उनकी कंपनी के बारे में सुराग मिल गए थे, लेकिन पुलिस उन पर हाथ डालने से पहले पुख्ता सबूत जुटा लेना चाहती थी.

पुलिस के मुताबिक उसके पास राज कुंद्रा से जुड़ी कई और जानकारियां उपलब्ध हैं. इसमें पीड़ित लड़कियों के बयान, व्हाट्सएप चैट, ऐप पर मौजूद फिल्मों और राज कुंद्रा के अश्लील फिल्मों के कारोबार का पूरा लेखा-जोखा है.

अब सवाल ये है कि आखिर राज कुंद्रा जैसा सेलिब्रिटी अश्लील फिल्मों के कारोबार से क्यों जुड़ गया. तो इसका जवाब जानने के लिए अश्लील फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा सिर्फ एक तथ्य जानने की जरूरत है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में अश्लील फिल्म इंडस्ट्री का कुल कारोबार करीब 100 बिलियन डॉलर यानी लगभग 740 हजार करोड़ रुपये है. जानकारी के मुताबिक पूरी दुनिया में 250 लाख अश्लील वेबसाइट्स हैं. ये आंकड़ा दुनिया की कुल वेबसाइटों का करीब 12 प्रतिशत है.

इन वेबसाइट्स पर दुनिया में लोग औसतन 10 मिनट 13 सेकेंड का वक़्त गुजारते हैं. भारत में ये औसत 8 मिनट 23 सेकेंड का है. पूरी दुनिया में अश्लील फिल्म देखने के मामले में अमेरिका नंबर वन है. इसके बाद दूसरे नंबर पर जापान, तीसरे पर ब्रिटेन और चौथे स्थान पर कनाडा है.

मुंबई पुलिस का दावा है कि दौलत का लालच कुंद्रा को इस धंधे में खींच लाया. मुंबई पुलिस ने ये भी खुलासा किया है कि राज की कंपनी वियान इंडस्ट्रीज इस बात के लिए भी पैसा खर्च करती थी, ताकि ये पता ना चल सके कि ये धंधा आखिर चल कहां से रहा है. राज कुंद्रा ने इसके लिए बाकायदा व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए हुए थे, लेकिन फरवरी में हुई कुछ गिरफ्तारियों ने कुंद्रा के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं और उन्हें जुलाई में गिरफ्तार कर लिया गया.

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