भारी पड़ा अनुमति से ज्यादा भीड़ जुटाना

शादी-समारोह में 100 लोगों से अधिक मेहमानों के शामिल होने की अनुमति की नाफरमानी करना दुल्हन और दूल्हे के परिजनों के अलावा बैंक्वेट हाल के स्वामी को भी भारी पड़ गया। अनुमति से अधिक भीड़ जुटने की जानकारी पर पहुंची थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बैंकट हाल स्वामी और दुल्हा—दुल्हन के पिता पर महामारी की धारा में मुकदमा दर्ज कर दिया। पुलिस के अनुसार मंडप के भीतर करीब 300 लोग शामिल थे मेरठ में अब तक शादी समारोह में जुटने वाली भीड़ के खिलाफ यह पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।

थाना लालकुर्ती क्षेत्र स्थित बैजल भवन मंडप की है। यह मंडप हेमंत बैजल का है। मंडप में राजू चौहान निवासी ग्रास मंडी सदर के बेटे और वीर सिंह निवासी ऊंचा मोहल्ला कसेरूखेड़ा की बेटी की शादी थी। बताया जाता है कि मंडप में करीब 300 मेहमान दोनों तरफ से एकत्र थे। मंडप संचालक ने भी किसी प्रकार की कोई व्यवस्था कोविड—19 प्रोटोकाल के तहत नहीं की थी। वहीं शादी—समारोह के दौरान किसी प्रकार का सोशल डिस्टेंस या मास्क का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इसकी जानकारी थाना लालकुर्ती पुलिस को मिली तो गश्त कर रहेम सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार मौेके पर पहुंच गए।

उन्होंने मंडप संचालक से 100 से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति दिखाने को कहा। जिसे मंडप संचालक नहीं दिखा सका। इसके बाद लड़का और लड़की पक्ष के लोग भी सब इंस्पेक्टर से बहस करने लगे। इस पर शादी समारोह में कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करने पर थाना लालकुर्ती में मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। मुकदमे में दूल्हा व दुल्हन के पिता और मंडप स्वामी को नामजद किया गया है।

पुलिस का कहना है कि महामारी अधिनियम के तहत मंडप स्वामी और दूल्हा दुल्हन के पिता पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है साथ ही होटल मालिक को नोटिस देकर होटल के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही की जाएगी शादियों में जुटने वाली भीड़ को रोक पाना इस वक्त मेरठ पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है

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