आग के कारण खेतों में खड़ी खून पसीने की कमाई हो रही राख,10 दिन में 55 जगहों पर लगी आग

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दमकल विभाग के झज्जर कार्यालय में अप्रैल माह के शुरूआती दस दिनों में कुल 55 आग लगने की सूचनाएं सामने आई हैं, जिनमें से सबसे अधिक फसलों में आग लगने के मामले हैं।गेहूं की कटाई शुरू होने के साथ ही आग लगने की घटनाओं में भी इजाफा हो गया है। जिसके कारण खेतों में खड़ी किसानों के खून पसीने की कमाई कुछ मिनटों में ही जलकर राख हो जाती है। पहले के मुकाबले आग लगने की घटना दो-तीन गुना तक बढ़ गई है।प्रतिदिन पांच से छह आग लगने की घटनाऐं सामने आ रही है। जबकि पहले दो-तीन आग लगने की घटनाएं होती थी। स्टाफ की कमी के कारण आग पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

जिले की बात करें तो 96 हजार 617 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई थी। जिससे हजारों किसान गेहूं की फसल पर ही निर्भर हैं।आग लगने की घटना होने के बाद ना केवल दमकल विभाग ही बल्कि आसपास के लोग खुद भी आग पर नियंत्रण पाने में जुट जाते हैं।फिलहाल गेहूं की कटाई का काम जोरों पर है। वहीं आग लगने के लिए इस समय को पीक सीजन माना जाता है। क्योंकि खेतों में आग की सबसे अधिक घटनाएं आती है। कहीं बिजली के तारों से गिरी चिंगारी के कारण आग लग जाती है तो कहीं अन्य कारणों से। ऐसे में किसानों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।

इसी कारण से दमकल कर्मचारियों का ड्यूटी समय भी बढ़ाया गया है। कर्मचारियों की कमी के कारण तीन शिफ्टों की बजाए दो शिफ्ट में ही ड्यूटी लगाई गई है। पहले कर्मचारी दिन में 8-8 घंटे तीन शिफ्ट में काम करते थे। पर अब पीक सीजन में 12-12 घंटे दो शिफ्ट में काम करते हैं। वहीं फायरब्रिगेड की कमी भी साफ दिखाई दे रही है।

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