मैदान पर उतरे थे नंगे पैर, काली पट्टी बांधकर खेल मैच रहे खिलाड़ी

सिडनी वन-डे में आरोन फिंच के टॉस जीतने के साथ ही भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे की शुरुआत हो गई। नए प्रायोजक के आते ही टीम इंडिया की जर्सी भी बदल गई। भारतीय टीम 1992 विश्व कप की नेवी ब्लू जर्सी में उतरी है। मुकाबले में दोनों ही टीम के क्रिकेटर्स ने मैच की शुरुआत से पहले डीन जोंस के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा और बांह पर काली पट्टी बांधकर यह मैच खेलने उतरे हैं।

पूर्व ऑस्ट्रेलिया क्रिकेटर जोंस का 24 सितंबर में मुंबई में आईपीएल के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था। जोंस आईपीएल के कमेंटरी पैनल में भी शामिल थे, उनके सम्मान में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने भारत के खिलाफ सीरीज के दौरान दो बार श्रद्धांजलि देने का फैसला किया है। पहला सम्मान उन्हें एससीजी पर मैच शुरू हो से पहले एक मिनट का मौन रखकर और बांह पर काली पट्टी बांधकर दिया जा रहा है। बड़ी स्क्रीन पर उनके शानदार करियर के अहम पलों को भी दिखाया जाएगा।

टॉस से पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने देशज निवासियों के योगदान को भी खास अंदाज में सम्मान दिया। खिलाड़ी बिना जूतों के यानी नंगे पैर ही मैदान पर घेरा बनाकर खड़े थे। मकसद राष्ट्र के मूल निवासियों को धन्यवाद देना था, जिनका वहां की धरती पर मौलिक अधिकार है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर दूसरे टेस्ट (बॉक्सिंग-डे टेस्ट) के पहले दिन भी डीन जोंस को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

 

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