ट्रंप ने व्हाइट हाउस के अंतिम दिनों में निभाई सिर्फ एक परंपरा, तोड़ीं चार परंपराएं

डोनाल्ड ट्रंप अब पूर्व राष्ट्रपति के तौर पर अमेरिका के इतिहास में दर्ज हो चुके हैं और जो बाइडन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले चुके हैं। ट्रंप सात जनवरी के पहले यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि वे चुनाव हार चुके हैं। चुनावी में धांधली के आरोपों पर अड़े रहे। उन्होंने बाइडन को जीत की औपचारिक बधाई तक नहीं दी। 150 साल में वे पहले ऐसे राष्ट्रपति थे, जिन्होंने नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत ही नहीं की।

 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति अपने अंतिम दिनों में सिर्फ एक परंपरा का पालन किया, जबकि चार परंपराएं तोड़ीं। आइए इन पर एक नजर डालते हैं…

 
ट्रंप ने केवल एक रस्मअदायगी की
कार्यकाल खत्म होने के बाद और व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले पूर्व राष्ट्रपति नए राष्ट्रपति के लिए एक नोट यानी चिट्ठी छोड़कर जाते हैं। ट्रंप ने सिर्फ यही रस्मअदायगी की। उन्होंने ओवल ऑफिस में बाइडन के लिए नोट यानी चिट्ठी छोड़ा। 
 
चार परंपराएं जो ट्रंप ने तोड़ीं
 
1. बाइडन को व्हाइट हाउस आने का न्योता नहीं दिया
परंपरा के मुताबिक, चुनाव नतीजे साफ होने के बाद वर्तमान राष्ट्रपति भावी राष्ट्रपति (प्रेसिडेंट इलेक्ट) को व्हाइट हाउस आने का न्योता देता है। ट्रंप ने सात जनवरी तक हार ही नहीं मानी थी। जब संसद में हिंसा हुई और ट्रंप पर तोहमतों का गुबार फूटा तो हार कबूल कर ली, लेकिन बाइडन को बधाई फिर भी नहीं दी। खास बात ये है कि चार साल पहले जब ट्रंप चुनाव जीते थे बराक ओबामा ने उन्हें व्हाइट हाउस बुलाया था। इससे पहले जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ओबामा को व्हाइट हाउस और ओवल ऑफिस दिखाया था।
 
2. फर्स्ट लेडीज का टी एंड टूर ट्रेडिशन
ट्रंप जैसी बयानबाजी उनकी पत्नी मेलानिया ने तो नहीं की लेकिन, परंपरा तोड़ने में वे भी पीछे नहीं रहीं। करीब 100 साल बाद ऐसा हुआ जब फर्स्ट लेडी (इस बार मेलानिया ट्रंप) ने फ्यूचर फर्स्ट लेडी (जिल बाइडन) को व्हाइट हाउस नहीं बुलाया। परंपरा के मुताबिक, भावी प्रथम महिला को वर्तमान प्रथम महिला चाय पर बुलाती हैं। इसके बाद उन्हें व्हाइट हाउस की सैर कराती हैं। ये ट्रांसफर ऑफ पावर का हिस्सा है। बाइडन की बेटी एश्ले ने मेलानिया की इस हरकत को दुखद करार दिया।
 
3. प्रेसिडेंट इलेक्ट को शपथ दिलाने नहीं ले गए ट्रंप
शपथ ग्रहण समारोह से पहले व्हाइट हाउस के नॉर्थ पोर्टिको की सीढ़ियों पर राष्ट्रपति (ट्रंप) प्रेसिडेंट इलेक्ट को रिसीव करते हैं। इसके बाद एक साथ कैपिटल हिल पहुंचते हैं, जहां शपथ ग्रहण समारोह होता है। 2017 में ट्रंप और मेलानिया को मिशेल और बराक ने रिसीव किया था। इस बार ट्रंप खुद ही समारोह में शामिल नहीं हुए। 
 
4. शपथ समारोह में शामिल न होना
152 साल बाद यह पहला मौका था, जब प्रेसिडेंट इलेक्ट के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति शामिल नहीं हुआ। इसके पहले 1869 में एंड्रू जॉनसन एस ग्रांट (18वें राष्ट्रपति) के शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहे थे। जॉनसन तब व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे। ट्रंप एक कदम आगे निकल गए। उन्होंने फ्लोरिडा रवाना होने से पहले एंड्रू एयरबेस पर समर्थकों को संबोधित किया। यह विदाई भाषण से ज्यादा पॉलिटिकल भाषण था।

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