ओमिक्रॉन से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने उठाया बड़ा कदम

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कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनियाभर के देशों में सनसनी फैला दी है. कोरोना संक्रमण के तेजी से प्रसार को लेकर द‍िल्‍ली सरकार बेहद गंभीर हो गई है और एहत‍ियातन कदम उठाने शुरू कर द‍िए हैं. भारत सरकार ने भी ओमिक्रॉन से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए है. इस क्रम में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इस क्रम में ‘At Risk’ श्रेणी वाले देशों से आ रहे यात्रियों को एयरलाइंस सूचित करेंगी कि दिल्ली पहुंचकर यात्रियों की टेस्टिंग होगी, नेगेटिव आने पर क्वॉरेंटाइन किया जाएगा और टेस्ट में पॉजिटिव आने पर सख्त आइसोलेशन में रखा जाएगा.

दिल्ली में आते ही यात्री कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल देंगे। इसका खर्चा भी यात्री खुद ही उठाएंगे. टेस्ट का नतीजा आने तक इंतजार करना होगा. टेस्ट में नेगेटिव आने पर 7 दिन होम क्वॉरेंटाइन इसके बाद आठवें दिन फिर से टेस्ट किया जाएगा। दोबारा नेगेटिव आने पर 7 दिन के लिए सेल्फ मॉनिटर करने को कहा जाएगा.  अगर टेस्ट में यात्री पॉजिटिव आये तो उनका सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा.  ऐसे यात्रियों को एक अलग आइसोलेशन फैसिलिटी में रखा जाएगा. दिल्ली में इसके लिए लोक नायक जयप्रकाश हॉस्पिटल को चिन्हित किया गया है.

जो यात्री ‘At Risk’ श्रेणी वाले देशों के अलावा दूसरे देशों से आ रहे हैं उन पर कोई पाबंदी नहीं होगी केवल 14 दिन के लिए सेल्स मॉलिटर करने की सलाह दी जाएगी. लेकिन ऐसे कुल यात्रियों के 5 फ़ीसदी की एयरपोर्ट पर ही रेंडम टेस्टिंग की जाएगी। इस श्रेणी के यात्रियों की टेस्टिंग का खर्चा नागरिक उड्डयन मंत्रालय उठाएगा. ऐसे यात्रियों में अगर कोई पॉजिटिव पाया गया तो उसका सेंपल भी जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा. 5 साल से कम के बच्चों को टेस्टिंग से छूट मिलेगी। हालांकि अगर सिंप्टोमेटिक यानी बच्चों में लक्षण पाए गए तो फिर टेस्ट होगा और आगे की कार्यवाही की जाएगी

‘At Risk’ श्रेणी वाले देश

1. यूरोपियन देश जिसमें यूनाइटेड किंगडम भी शामिल है
2. साउथ अफ्रीका
3. ब्राज़ील
4. बांग्लादेश
5. बोत्सवाना
6. चीन
7. मॉरीशस
8. न्यूजीलैंड
9. जिंबाब्वे
10. सिंगापुर
11. हांगकांग
12. इजरायल

DDMA का यह आदेश 1 दिसंबर से अगले आदेश तक लागू रहेगा

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