किसी से गिफ्ट लेने पर देना पड़ता है टैक्स, जानिए गिफ्ट पर क्या है IT नियम

Spread the love

किसी करीबी से मिलने वाले गिफ्ट पर भी टैक्‍स देना होता है. हालांकि, कुछ खास गिफ्ट के लिए टैक्‍स छूट भी मिलती है. इसके लिए इनकम टैक्‍स कानून में प्रावधान है, जिसे हर किसी को जानना चाहिए. भारतीय संस्‍कृति में गिफ्ट लेनदेन की परंपरा सदियों से है. लेकिन आज के ज़माने में अगर आप किसी को महंगे गिफ्ट्स देने का सोच रहे तो आपको टैक्‍स नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. गिफ्ट के तौर पर किसी करीबी, संबधी, दोस्‍त आदि को प्रॉपर्टी, पैसा या कुछ और देने का चलन है. कोई भी व्‍यक्ति किसी को चल या अचल संपत्ति के रूप में कुछ भी गिफ्ट कर सकता है. लेकिन कई मामलों में टैक्‍स बचाने के लिए भी गिफ्ट का सहारा लिया जाता है.

भारत में मौजूदा टैक्स कानूनों के मुताबिक कोई भी किसी भी कितना भी धन या संपत्ति गिफ्ट के रूप में दे सकता है. हालांकि कोई भी व्यक्ति इस कानून का गलत इस्तेमाल ना करे इसलिए कुछ मामलों में आमदनी को इकट्ठा करके गणना लग सकता है. अगर आप अपनी बेटी या उसके पति को शादी में कोई गिफ्ट देते हैं तो आपको उस asset को कानूनी रूप से ट्रांसफर करना होगा. जिस व्यक्ति को गिफ्ट दिया गया है उसे कानूनी रूप से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को शो करना होगा.

गिफ्ट के मामले में क्या कहता है भारतीय कानून

भारत में मौजूदा टैक्स कानूनों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को एक साल में 50,000 रुपये से कम का गिफ्ट देता है तो, ऐसी परिस्थिति में उसे किसी टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. लेकिन, अगर कोई व्यक्ति 50,000 रुपये से अधिक की धनराशि गिफ्ट के रूप में प्राप्त करता है तो उसे इस राशि में 50,000 रुपये से अधिक की राशि में टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा.

पिता-पुत्र के दिए गए गिफ्ट पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता

लेकिन, आपको बता दें कि टैक्स कानूनों के मुताबिक अगर कोई पिता अपने पुत्र को 50,000 रुपये से अधिक की राशि गिफ्ट के रूप में देता है तो उसे इसमें किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना पड़ेगा. ऐसे रिश्ते ‘specified relatives’ के क्लाज के अंदर आते हैं.

नकद या चेक द्वारा दिया गए उपहार के लिए साधारणतया गिफ्ट डीड की अनिवार्यता नहीं होती है। इसे एक प्लेन पेपर पर अपना नाम, पता, उपहार प्राप्त कर्ता का नाम, पता, आपस में संबध आदि की जानकारी देते हुए, दो गवाहों के हस्ताक्षर के साथ लिख कर दिया जा सकता है । पिता द्वारा पुत्र को दिया उपहार फिर चाहे वो किसी भी राशि का क्यों ना हो सदैव कर-मुक्त होता है। हां, उपहार प्राप्त कर्ता को इसे अपनी आयकर विवरणी में आवश्य घोषित करना चाहिए।

इसके साथ ही भारत में कोई भी व्यक्ति 2 लाख रुपये से अधिक का कैश गिफ्ट के रूप में नहीं ले सकता. 2 लाख रुपये से अधिक का कैश गिफ्ट के रूप में लेने पर आपको उतनी ही धनराशि का जुर्माना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देना होगा. गौरतलब, है कि यह रूल अचल संपत्ति पर नहीं लागू होता है.

 

 339 total views,  2 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *