भारतीय कंपनियां कर्मचारियों के लिए खरीदेंगी कोरोना का टीका, डोज उपलब्ध होने का इंतजार

दिग्गज स्टील कंपनियां देशभर में चल रहे अपने प्लांट और ऑफिस में काम करने वाले एंप्लॉयीज को कोविड-19 का टीका लगाने की योजना बनाने में जुट गई हैं। टाटा स्टील, आर्सेलर मित्तल निपॉन स्टील इंडिया और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) ने कहा है कि वे कंपनियों के लिए टीकों का डोज उपलब्ध होने का इंतजार करेंगी। JSW स्टील और जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) जरूरत के हिसाब से ऑर्डर देने के लिए टीका बनाने वाली कंपनियों से बातचीत में पहले से ही जुटी हैं।

महिंद्रा ग्रुप और ITC ने भी टीका कंपनियों से पूछताछ शुरू की

इनके अलावा ऑटोमोबाइल बनाने से लेकर आईटी सर्विस प्रोवाइड करनेवाले महिंद्रा ग्रुप और दिग्गज कंज्यूमर गुड्स कंपनी ITC ने भी फ्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण के सरकारी अभियान के बाद अपने एंप्लॉयीज के लिए टीका कंपनियों से पूछताछ शुरू कर दी है। कंपनी के कॉरपोरेट ह्यूमन रिसोर्सेज हेड अमिताभ मुखर्जी ने कहा, ‘ITC एंप्लॉयीज को टीका मुहैया कराने को लेकर प्रतिबद्ध है। हमने टीका बनाने वाली कंपनियों से संपर्क किया है और हम उनसे पूछताछ कर रहे हैं।’

फ्रंटलाइन कोविड वैरियर्स का टीकाकरण पूरा हो जाने के बाद टीकों के डोज लेगी JSPL

JSPL के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर ने कहा, ‘हम थोक में डोज खरीदने के लिए टीका बनाने वाली कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं। फ्रंटलाइन कोविड वैरियर्स का टीकाकरण पूरा हो जाने के बाद उनसे हम टीकों के डोज लेने की कोशिश करेंगे।’ कंपनी कोविड-19 होने के जोखिम के हिसाब से एंप्लॉयीज की कैटेगरी पहले ही तैयार कर चुकी है। उसके यहां सबसे पहले टीका 50 साल से ज्यादा उम्र के और कोविड-19 से पहले संक्रमित हो चुके एंप्लॉयीज को लगाया जाएगा। कंपनी अपने यहां सितंबर से ही महीने में दो बार हर कर्मचारी का RT-PCR टेस्ट (कोरोनावायरस पकड़ने वाला) करा रही है।

JSW ग्रुप ने अगले वित्त वर्ष में एंप्लॉयीज को टीका दिलाने की योजना बनाई है

JSW ग्रुप ने अपने कॉरपोरेट ऑफिस, प्लांट और टाउनशिप में काम कर रहे स्टाफ को अगले फाइनेंशियल ईयर में टीका दिलाने की योजना बनाई है। ग्रुप टीका बनानेवाली एक इंडियन कंपनी से दो लाख डोज खरीदने की बातचीत कर रहा है। इससे वह कंपनियों को निजी टीकाकरण अभियान चलाने की इजाजत मिलने के बाद अपने एंप्लॉयीज को डबल शॉट दिला सकेगा।

कोविड-19 के पहले टीके का इंजेक्शन दो लाख फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को लगा

देश में कोविड-19 के पहले टीके का इंजेक्शन शनिवार को लगभग दो लाख फ्रंटलाइन हेल्थकेयर और सैनेटिरी वर्कर्स को लगाया गया। फ्रंटलाइन प्रोफेशनल्स में शामिल डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस ड्राइवर और दूसरे मेडिकल स्टाफ के अलवा सैनेटरी वर्कर्स और पुलिस को कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके लगाए गए हैं। ऑक्सफोर्ड के कोविशील्ड को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है जबकि कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कर रही है।

सरकारी कंपनी RINL और SAIL ने एंप्लॉयीज का ब्योरा प्रशासन को भेजा

सरकारी कंपनी RINL और SAIL ने एंप्लॉयीज का ब्योरा प्रशासन को भेज दिया है, उनको टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी। SAIL और RINL दोनों ही अपने प्लांट की साइटों पर अस्पताल चलाती हैं।

जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल में हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू

टाटा स्टील के प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 की शुरुआत से ही कंपनी केंद्र के अलावा झारखंड और उड़ीसा सरकार के साथ काम कर रही है। झारखंड के जमशेदपुर वाले टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में 1000 से ज्यादा बेड के साथ राज्य की सबसे बड़ी कोविड केयर फैसिलिटी चल रही है। यहां सरकार की तरफ तय प्राथमिकता के हिसाब से 16 जनवरी से 3000 हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण शुरू हुआ है।

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