काम पर लौटने वाले प्रवासियों की दिक्कत, ट्रेनों में टिकट नहीं, लंबी है वेटिंग लिस्ट

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लॉकडाउन के खुलते ही एक एयर जहां प्रवासियों को उम्मीद की एक किरण नजर आई वहीं दूसरी ओर ट्रेनों के हालात देखकर उनके चेहरों पर मायूसी छा गई। बीस दिन पहले तक जिन ट्रेनों में 20 प्रतिशत तक यात्री सफर करने के लिए नहीं थे आज की तारीख में वहां अब वेटिंग तीन सौ पार है। आक्यूपेंसी का स्तर भी 40 से चढ़कर 140 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

प्रवासियों का गढ़ कहे जाने वाले पूर्वांचल, बिहार-झारखंड से महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की ओर जाने वाले ज्यादातर ट्रेनों के यही हालात है।

कोरोना की दूसरी लहर में हालांकि यात्रियों की संख्या और जरूरत के हिसाब से ट्रेनें चलती रहीं। अप्रैल-मई में कम यात्रियों के कारण कई ट्रेनों को रद करना पड़ा था। अब कोरोना की दूसरी लहर के कमजोर पड़ते ही हालात सुधर रहे हैं। कहीं स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं, तो कहीं नई ट्रेनें चलाए जाने की तैयारी है।

यूपी की ट्रेन में जुलाई माह तक सीट नहीं

गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज हो या पश्चिम में मेरठ, आगरा, बरेली और मुरादाबाद सभी स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने लगी है। कुछ में तो पूरे जुलाई महीने तक सीट उपलब्ध नहीं है। सबसे अधिक भीड़ मुंबई के लिए है। मुंबई-पुणे की ट्रेनों में इन दिनों 140 फीसदी से ज्यादा सीट आक्यूपेंसी है। दिल्ली के लिए भी सीट आक्यूपेंसी 125 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। दक्षिण भारत को जोड़ने वाली राप्तीसागर, कामायनी, केरला और तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का भी यही हाल है।

बिहार की ट्रेनों में भी भारी वेटिंग

बिहार से आने वाली ट्रेनों के भी हालात यही हैं। पटना से नई दिल्ली, मुंबई, यशवंतपुर, सिकंदराबाद, वास्कोडिगामा, पुणे, एर्नाकुलम, हावड़ा और बंगलुरु की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग (दो सौ से चार सौ के मध्य) चल रही है।

दिल्ली में जून में आक्यूपेंसी 200 फीसदी पहुंची
विभिन्न राज्यों से राजधानी दिल्ली में आने वाली रेलगाड़ियों में मई के मुकाबले जून में आक्यूपेंसी 200 फीसदी तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण के चलते पहले जहां कम लोग यात्रा कम कर रहे थे। वहीं अनलॉक के बाद अब रेल यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी है। मांग को देखते हुए रेलवे ने व्यस्त मार्गों पर फेरे बढ़ाए हैं। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ट्रेन में केवल आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को सफर करने की अनुमति है, जिससे सामाजिक दूरी बनाए रखने में परेशानी न आए।

रद्द की गई ट्रेनें फिर पटरी पर लौटेंगी
रेलवे ने रद्द की गई ट्रेनों को फिर से पटरी पर लाने का निर्णय लिया है। उत्तर रेलवे ने 33 जोड़ी रेलगाड़ियां फिर शुरू करने का फैसला किया है। रेलवे के मुताबिक आनंद विहार से दानापुर एक्सप्रेस 11 जून से, 12 जून से पुरानी दिल्ली से टनकपुर पूर्णगिरी जनशताब्दी एक्सप्रेस, 14 जून से नई दिल्ली से आगरा छावनी और बरेली इंटरसिटी भी शुरू की जा रही है। इसी तरह 18 जून तक काठगोदाम, चेन्नई, ऊना, मडगांव, जयपुर, ऊधमपुर आदि के लिए रेलगाड़ियां शुरू की जा रही हैं।

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