उदयपुर में नुपुर समर्थक दर्जी की हत्या के बाद पूरे राजस्थान में इंटरनेट बैन

Spread the love

उदयपुर में नूपुर समर्थक की हत्या के बाद पूरे राजस्थान में इंटरनेट पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। घटना के बाद रात 8 बजे उदयपुर के सात थाना क्षेत्रों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया गया है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता से शांति बनाये रखने की अपील की है। दिन दहाड़े हत्या को अंजाम देने वाले दोनों शख्स ने ऑनलाइन वीडियो डालकर इस गुनाह की जिम्मेदारी ली और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, राजस्थान में उदयपुर के धानमंडी थानाक्षेत्र में दो व्यक्तियों ने एक दर्जी की कथित रूप से गला काटकर हत्या कर दी। जिसके बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि उन्होंने ‘‘इस्लाम के अपमान’’ का बदला लेने के लिए ऐसा किया। घटना के बाद शहर में सुरक्षा और शांति के चलते रात आठ बजे उदयपुर के सात थाना क्षेत्रों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया गया है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के अनुसार दोनों आरोपी धानमंडी थाना क्षेत्र स्थित टेलर की दुकान पर दोपहर के समय पहुंचे। इनमें से एक ने अपना नाम रियाज बताया है। उसने अपने आप को एक ग्राहक बताया और टेलर ने उसका नाप लेना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने टेलर पर हमला कर दिया, वहीं दूसरे आरोपी ने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाया। वीडियो के अनुसार, जब टेलर नाप लेकर लिख रहा था उस दौरान रियाज ने अचानक धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए तथा बाद में एक और वीडियो में उन्होंने अपराध करने की पुष्टि की। घटना के सामने आने के बाद इसके विरोध में स्थानीय बाजारों में दुकानें बंद कर दी गयीं। दुकानदारों ने पुलिस को कन्हैयालाल का शव ले जाने से रोका और कहा कि हत्यारों की गिरफ्तारी होने तथा मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा तथा सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा के बाद ही वे शव ले जाने देंगे।

मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने मंगलवार शाम उच्च स्तरीय बैठक की और सभी सम्बंधित आला अधिकारीयों को पूरे प्रदेश में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्य सचिव ने कानून-व्यवस्था बनाये रखने की दृष्टि से प्रदेशभर में आगामी 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद किये जाने, सभी जिलों में आगामी एक माह तक धारा 144 लागू करने,पुलिस एवं प्रशासन के सभी अधिकारियों के अवकाश निरस्त करने, शांति समिति की बैठक आयोजित करने और उदयपुर जिले में आवश्यकतानुसार कर्फ्यू लगाये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म गुरुओं से अपील की जाए कि वे साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति बनाये रखने में सहयोग करें।

केंद्र सरकार उदयपुर में मंगलवार को की गई एक दर्जी की नृशंस हत्या को आतंकवादी हमला मान रही है और NIA अधिकारीयों का एक जांच दल भेजा गया है क्योंकि शुरूआती जांच से यह बात सामने आई है कि हमलावरों के आईएसआईएस से संबंध हो सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच दल मामले की गहनता से जांच करेगा और गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पृष्ठभूमि की अच्छे से जांच पड़ताल की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया यह एक आतंकी मामला लगता है और इसकी गहन जांच की जरूरत है जिसमें उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल को खंगालना शामिल है।

वीडियो क्लिप में एक हत्यारोपी को यह कहते सुना जा सकता है कि उसने एक आदमी का सर कलम कर दिया है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर धमकी देते हुए कहा कि ‘‘उनका छुरा उन (मोदी) तक भी पहुंचेगा।’’ हमलावरों ने वीडियो में नुपुर शर्मा का भी जिक्र किया है जिन्हें पैगंबर मोहम्मद पर एक टिप्पणी के मामले में भाजपा से निलंबित किया गया था।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों को राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र से पकड़ा गया। राजसमंद के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने कहा कि दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर हेलमेट पहनकर भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें भीम क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने आरोपियों की पहचान की पुष्टि की है। उनमें से एक ने खुद की पहचान रियाज अख्तरी के रूप में की। अख्तरी के संबंध पाकिस्तान स्थित दावत-ए-इस्लामी से मिले हैं, जिसकी भारत में भी शाखाएं हैं।

 270 total views,  1 views today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *