आज़ादी स्पेशल : देश के साथ साथ खूब फली फूली ये कंपनियां

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हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। अगर हम अर्थव्यवस्था की बात करें तो भारत के कारोबारी जगत का इसमें सबसे बड़ा योगदान रहा है। ऐसी कई कंपनियां हैं जिनकी स्थापना आज़ादी से पहले की गई और उन्होंने देश को आर्थिक मजबूती पहुंचाई। ये कपंनियां आजादी से पहले भी अपना परचम लहराती थी और आजादी के बाद भी देश की आर्थिक स्थिति में इनका दबदबा कायम है।

आपको बता दें कि आजादी से पहले भारत की 70 कंपनियां ऐसी थी जिन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति को एक मजबूती प्रदान की। ब्रिटिश शासन के दौरान इन कंपनियों ने अपनी नींव रखी गई थी लेकिन ये अब भी भारतीय कारोबारी जगत की शान बनी हुई है। देश को आर्थिक मजबूती देने में जमशेतजी टाटा, एसके आर्देशर और पिरोजशा गोदरेज, माधव प्रसाद बिड़ला और केए हमीद जैसे नाम सबसे पहले आते हैं। इनके द्वारा स्थापित कंपनियां आज देश में बड़े स्तर पर कारोबार कर रही हैं और हजारों-लाखों लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रही है।भले ही आज कोई भी कारोबारी देश में पैसे कमाकर अपना नाम बना ले लेकिन इन कंपनियों का दबदबा आज भी कायम है।

टाटा

टाटा ग्रुप की स्थापना साल 1868 में हुई और इसके चेयरमैन रतन टाटा है। टाटा ने देश को नमक से लेकर लग्जरी कार तक बनाकर दी है। आपको बता दें आईटी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, इंडियन होटल कपंनी ये सब इस समूह का बड़ा हिस्सा है। बता दें कि साल 1903 में इंडियन होटल्स कंपनी की स्थापना जमशेदजी टाटा ने की थी और आज मुंबई का ताज होटल देश और विदेश की पहचान बन गई है।

ब्रिटानिया

ब्रिटानिया की शुरूआत आजादी से पहले साल 1892 में हुई थी तथा ये एक फूड सेक्टर कंपनी है। इस कंपनी की स्थापना कोलकाता के वाडिया परिवार ने की थी। खाघ उत्पादों में इस कंपनी का दबदबा आज भी कायम है। अलग अलग तरह के बिस्किट्स, ब्रेड, कूकीज, केक , डेरी प्रोडक्ट्स आदि इसके उत्पादों में शामिल हैं। इसका कारोबार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तेजी से बढ़ा और आज दुनियाभर में इसका कारोबार फैला हुआ है।

गोदरेज

गोदरेज कंपनी की स्थापना 1897 में हुई थी। जो आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रिएलिटी सेक्टर मे अपना दबदबा बना चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1911 में किंग जॉर्ज पंचम और रानी मेरी ने अपने कीमती सामानों को रखने के लिए गोदरेज की तिजोरियों को ही चुना था।

बिड़ला समूह

बिड़ला समूह की स्थापना घनश्याम दास बिड़ला के दादा, शिव नारायण बिड़ला ने 1919 में बिरला जूट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड के नाम से की थी। इसने भी आजादी से पहले कारोबार शुरू कर दिया था। 1998 में इसका नाम बदलकर बिरला कॉर्पोरेशन लिमिटेड जो कि एमपी बिड़ला समूह की कंपनियों की एक भारतीय-आधारित प्रमुख कंपनी है।

रेमंड

देश की आजादी से पहले खोली गई कपंनी रेमंड का नाम तो आज देश के कई लोग जानते ही होंगे। रेमंड भारत की कपड़े और फैशन से जुड़े आइटम्स बनाने वाली कंपनी है। इसके फाउंडर AJ Raymond है और इसकी स्थापना साल 1925 में महाराष्ट्र के ठाणे में ऊनी मिल के रूप में हुई थी। Raymond का हेडक्वार्टर भारत के मुंबई शहर में है। लक्ष्मणराव किर्लोस्कर ने इस कंपनी को ट्रेडिंग कंपनी के रूप में शुरू किया था।

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